Murder On The Orient Express In Hindi __hot__ -
4. मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस: फिल्म रूपांतरण (Movies)
चूंकि अमेरिकी कानून कैसेटी (रैटचेट) को सजा देने में नाकाम रहा था, इसलिए इन सभी 12 लोगों ने मिलकर कानून को अपने हाथ में लेने का फैसला किया। उन्होंने 'ओरिएंट एक्सप्रेस' की टिकट बुक की और एक 'ज्यूरी' (Jury) की तरह काम करते हुए, रैटचेट को मौत की सजा दी। रात के अंधेरे में, सभी 12 लोगों ने बारी-बारी से रैटचेट को एक-एक चाकू मारा, ताकि यह कभी पता न चल सके कि असली कातिल कौन है।
पोयरो की जांच उसे कई हैरान कर देने वाली बातों की ओर ले जाती है:
ट्रेन के रुकने के कारण बाहर से कोई आ नहीं सकता था, इसलिए हत्यारा ट्रेन में ही है। लेकिन हर मुसाफिर के पास एक ठोस अलिबाई (Alibi - घटनास्थल पर न होने का सबूत) है।
'मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस' सिर्फ एक जासूसी उपन्यास नहीं है। यह कानून और नैतिकता के धुंधले पैमानों पर एक गहरी पैठ है। जैसे ही पॉयरो बर्फ में फंसी ट्रेन में हर चेहरे में छिपे रहस्य को उजागर करता है, पाठक भी अपने मन के अंदर न्याय की परिभाषा तलाशने लगता है। चाहे वह मूल अंग्रेजी हो या यह बेहतरीन हिंदी अनुवाद, यह कहानी हर बार पाठक को वही रोमांच और हैरानी देती है। murder on the orient express in hindi
यहाँ "मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस" (Murder on the Orient Express) पर एक हिंदी निबंध प्रस्तुत है:
ट्रेन में सवार 12 अलग-अलग यात्री इस हत्या के संदिग्ध बन जाते हैं।
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ब्रिटिश सेना का अधिकारी। क्या प्रतिशोध सही है
एक अमेरिकी महिला
यहीं पर उपन्यास रोमांचक से दार्शनिक हो जाता है। पोयरोट के सामने दो विकल्प होते हैं:
जासूस (Detective)
मिस्ट्री / मर्डर मिस्ट्री murder on the orient express in hindi
रैचेट के शरीर पर किए गए वार अलग-अलग गहराई के थे। कुछ वार दाएं हाथ से किए गए थे और कुछ बाएं हाथ से।
'मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस' जासूसी उपन्यासों की महारानी कहे जाने वाली अंग्रेज़ी लेखिका की सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है। यह पुस्तक पहली बार 1 जनवरी, 1934 को यूनाइटेड किंगडम में प्रकाशित हुई थी। अमेरिका में इसे 'Murder in the Calais Coach' नाम से प्रकाशित किया गया था। इस उपन्यास में क्रिस्टी के सबसे चहेते और विचित्र किरदार, बेल्जियम के जासूस हरक्यूल पॉयरो (Hercule Poirot) को केंद्र में रखा गया है।
'मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस' क्या है?
केनेथ ब्रनाघ (हर्क्यूल पॉयरोट)
"मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस" सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाती है कि क्या न्याय हमेशा कानून के दायरे में ही होता है? क्या प्रतिशोध सही है? हर्क्यूल पॉयरोट का यह सबसे कठिन केस था, जहाँ उन्होंने कानून के बजाय नैतिकता को चुना।